जब खीडकी खोलुं तो

जब खीडकी खोलुं तो, तेरा दर्शन हो जाये (३) मेरे घर के आगे दादा, तेरा मंदिर बन जाये मेरे घर के... मेरे घर के... जब आरती हो तेरी, मुजे घंट सुनाई दे मुजे रोज सवेरे दादा, तेरी मूरत दिखाई दे जय जय आरति आदि जिणंदा, नाभिाराया मरुदेवी को नंदा जब भक्ति करे मीलकर, रस कानोमे धूल जाये (२) जब खीडकी खोलुं तो... मेरे घर... आते जाते दादा, तुजको में प्रणाम करूं जो मेरे लायक हो, कुछ एसा काम करूं वामानंदम नमो नमः श्री पार्श्वनाथाय नमो नम त्रिशला नंदन नमो नमः श्री महाविराय नमो नम तेरा सेवा करने से, मेरी किस्मत खुल जाये (२) जब खीडकी खोलुं तो... मेरे घर... नजदीक रहेंगे तो, आना जाना होगा हम भक्तो का दादा, मिलना जुलना होगा काम चले ना चांदी से, काम चले ना सोने से (२) मेरा काम चलेगा दादा, तेरे दर्शन होने से, (२) जब साथ रहे दोनो, जल्दी वो दिन आये जब खीडकी खोलुं तो... मेरे घर...

श्री केसरियाजी मंदिर, ऋषभदेव

    जब खीडकी खोलुं तो | श्री केसरियाजी मंदिर