प्रातः लावणी

धनय भाग्य हमारा....... आदेश्वरजी ने, ऋषभदेवजी ने भेटयाजी धनय भाग्य हमारा ।। नाभी राजा कुल भानु प्रकट है जुगला धर्म निवार भविक जीव प्रति बोध करीने पोहच्या मुक्ति में सारा देवल देखंत दुःख मारो भाग्यो, पगता चढंत पाप सारा दर्शन करंत दारिदर भाग्यो, पूजत पुण्य अपाराजी देश देश को संघ जो आवे, लावत केसर प्याला लट करी प्रभु अंग चढ़ावे, चरण नमी गुण साराजी दूर देशान्तर थी में आयो, श्रवण सुणी गुण गायो पतित उधारण विरद तिहारो, यहा तीरथ जग साराजी ऋषभ नाम से बेडिया टूटे, डुबत जहाज तिरायो रामचन्द्र की ये ही अरज है....... प्रभु का दर्शन मोहे प्याराजी

श्री केसरियाजी मंदिर, ऋषभदेव

    प्रातः लावणी | श्री केसरियाजी मंदिर