सांयः लावणी

केसरियाजी ने जहाज को लोग तिरायो एजीम ने यही अचरज भारी आयो...... बीच समुन्दर जहाज डूबता, कोई आधार न पायो ऋषभ नाम जपियों सब साथे, जहाज उपर तिर आयो। आदि नाम लियो अन्जाने, अष्टापद पर आयो दीक्षा लेवत केवल उपज्यो, शिवरमणी पद पायो ।| रावण राजा भक्ति करने को कैलाश गिरीपर आयो नरपति नृत्य किया प्रभु आगे तीर्थंकर गोत्र बन्धायो। इन्द्र नरेन्द्र सेवे प्रभु चरण रामचन्द्र गुण गायो।।

श्री केसरियाजी मंदिर, ऋषभदेव

    सांयः लावणी | श्री केसरियाजी मंदिर